बचपन से नेत्रहीन अनाथालय के बच्चो ने एक शख्स की मेहनत से बना ली अपनी अलग पहचान

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ये व्यक्ति न तो कोई हस्ती हैं न ही कोई नेता लेकिन ये वो हैं जिन्होंने महोबा के लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।
इनसे मिलिए ये हैं बाबला सिंह जिन्होंने महोबा के अनेकों युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है जिससे वो अपनी गायन प्रतिभा को निखारने के साथ ही खुद को समाज में स्थापित कर सकते हैं।
यही हैं वो जिन्होंने विपिन और मोहित को भी दुनिया के सामने लाने का कार्य किया है।अनाथालय के दो बच्चे हैं बिपिन और मोहित इन्होंने उन बच्चों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को बाहर निकाला है।
इनके द्वारा समय समय पर प्रतिभाशाली युवाओं को खोजने के लिये कार्यक्रम होते रहते है। उसी क्रम कल महोबा शहर में बावला ग्रुप ऑफ़ म्यूजिक का बहुत ही अच्छा कार्यक्रम हुआ यह अनाथालय कोई राजनीति करने के लिये नही जाते है। यह अनाथालय जाकर वहाॅ के बच्चो की प्रतिभा निखारते है। विपिन और मोहित के उदाहरण बनकर उभरे है। वह उन बच्चो के लिये मिशाल बन चुके है जो किसी शारीरिक कमजोरी की वजह से मानसिक कमजोर हो जाते है। अन्दर प्रतिभा होते हुये भी बाहर नही निकाल पाते। लेकिन बाबला सिंह ने बचपन से ही नेत्रहीन दो बच्चो की प्रतिभा ऐसी निकाली की जिनको कोई जानता नहीं था आज उनके बावला ग्रुप ऑफ़ म्यूजिक प्रोग्राम के तहत आज शहर जानने लगा हैं। बाबला सिंह एवं उनके जानकारों का मानना है कि एक दिन यह बच्चे देश मे नाम रौशन करेंगे।

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